प्रतिनिधियों एवं कलाकारों के लिए पंजीकरण अब प्रारंभ हैं।
मुख्य विषय 2026

भारत : परंपरा,
समन्वय, परिवर्तन

अपनी परंपरा का सम्मान, वर्तमान को जीवंत बनाना और मिलकर भविष्य का निर्माण।

स्थान: जवाहर कला केंद्र, जयपुर, राजस्थान

विषय की दृष्टि

लोकमंथन 2026 सभ्यतागत संवाद, संस्कृति और ज्ञान का भारत का राष्ट्रीय मंच है। यह विचारकों, विद्वानों, कलाकारों और समाज-शिल्पियों को भारत के समृद्ध भविष्य के लिए एक साथ लाता है।

लोक

लोक

जीवंत परंपराएं

स्मृति

स्मृति

सभ्यतागत स्मृति

मंथन

मंथन

संवाद एवं मंथन

भारत

भारत

राष्ट्रीय पहचान

पंचतत्व – लोक जीवन की आधारशिला

जल / संरक्षण

जल / संरक्षण

(टांका)
भूमि

भूमि

(ओरण / खेजड़ी)
अग्नि

अग्नि

(चूल्हा / धूणी)
वायु

वायु

(संक्रांति की पतंग)
आकाश

आकाश

(सप्तऋषि का खटोला)

लोक से विचार, विचार से आधार

  • लोक से विचार, विचार से आधार
  • मरुभूमि से मेघालय तक – मंथन
  • आंगन की रेखा – सभ्यता की दिशा
  • बांधनी के रंग – एकता का इंद्रधनुष
  • रात में रामदेवड़ा की जागर
  • रावणहठा का संगीत
  • अमृतादेवी की कथा (लोकशैली)
  • बारात का आना – बेटी की विदाई
  • विस्वावली गायन
रामदेवड़ा की जागर
रामदेवड़ा की जागर
रावणहठा का संगीत
रावणहठा का संगीत
अमृतादेवी की कथा (लोकशैली)
अमृतादेवी की कथा
(लोकशैली)
बारात का आना बेटी की विदाई
बारात का आना
बेटी की विदाई
विस्वावली गायन
विस्वावली गायन

हमारी दृश्य भाषा

मंडणा

मंडणा

लोक आंगन की रेखा
फड़ कथा पट

फड़ कथा पट

कथाओं से विचार तक
झरोखा जाली

झरोखा जाली

परंपरा और दृष्टि का संगम
लहरिया & बांधेज

लहरिया & बांधेज

ऊर्जा, रंग और एकता
लोकवाद्य

लोकवाद्य

संगीत में संवाद
मरु क्षितिज

मरु क्षितिज

रेति, विस्तार और संभावना

परंपरा हमारी विरासत है, मंथन हमारा मार्ग और भारत हमारा उद्देश्य !

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